RAAVI VOICE # सरदार बिक्रम सिंह मजीठिया ने मुख्यमंत्री के झूठ को बेनकाब किया कि दिल्ली में बिजली बिल 3 रूपये प्रति यूनिट कम कर दिया गया है

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रावी न्यूज अमृतसर

पूर्व मंत्री सरदार बिक्रम सिंह मजीठिया ने आज मुख्यमंत्री चरनजीत सिंह चन्नी के इस झूठ का पर्दाफाश किया कि पंजाब में बिलों में उपभोक्ताओं को जारी किए  बिलों में तीन रूपये प्रति यूनिट कम कर दिया गया, जो साबित करता है कि अभी भी पुरानी दरें ली जा रही हैं तथा बहुत ज्यादा प्रचार की गई दरों में कमी नही की गई है। यहां पत्रकारों को संबोधित करते हुए सरदार बिक्रम सिंह मजीठिया ने कहा कि श्री चरनजीत सिंह चन्नी पंजाबियों को उसी तरह से धोखा देने की कोशिश कर रहे हैं जैसे कैप्टन अमरिंदर सिंह ने झूठे वादे करके किया था। उन्होने कहा कि चन्नी ने एक झूठ के प्रचार में करोड़ों रूपये खर्च कर बिजली बिलों में कटौती का श्रेय लेकर एक कदम और आगे बढ़ गए।
इस बारे में अन्य जानकारी देते हुए सरदार मजीठिया ने कहा कि मुख्यमंत्री ने घोषणा की है कि सभी श्रेणियों में बिजली बिलों में तीन रूपये प्रति यूनिट की कमी की जाएगी। उन्होने कहा कि मंत्रिमंडल ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी जिसके बाद इसका श्रेय लेने के लिए हर जगह पोस्टर लगाए गए। उन्होने कहा, ‘‘ सच्चाई पूरी तरह से अलग है’’, उन्होने यह साबित करने के लिए बिल दिखाते हुए कहा कि 4.19 रूपये प्रति यूनिट के सबसे कम टैरिफ से शुरू होकर किसी भी श्रेणी में बिजली की दरों को कम नही किया गया, जिसे घटाकर 1.19 रूपये प्रति यूनिट किया जाना था।
सरदार मजीठिया ने कहा कि मुख्यमंत्री ने यह कहकर झूठ बोला था कि पूर्ववर्ती शिअद की अगुवाई वाली सरकार नवीनीकरण ऊर्जा उत्पादकों के साथ पीपीए में 17.28 रूपये प्रति यूनिट के हिसाब से बिजली खरीदने के लिए पहंची थी। उन्होने कहा कि इस मामले की सच्चाई यह है कि पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के कार्यकाल के दौरान केंद्रीय बिजली आयोग ने 9 मेगावॉट के एक प्रोजेक्ट के लिए 17.28 रूपये प्रति यूनिट टैरिफ का फैसला किया था, जिसके लिए केंद्र सरकार ने 12.50 रूपये प्रति यूनिट की बड़ी लागत वहन की थी। उन्होने कहा कि ‘‘ मैं मुख्यमंत्री को चुनौती देता हूं कि वह यह साबित करें कि यह खर्चा पंजाब ने वहन किया था और मैं दोबारा चुनाव नही लड़ूंगा’’।
मुख्यमंत्री को ऐलानजीत सिंह चन्नी यां केवल घोषणाएं करने वाला बाते हुए वरिष्ठ अकाली नेता ने कहा कि यह अजीब है कि मुख्यमंत्री ने दावा किया कि खजाना भरा है, जबकि उनके वित्तमंत्री ने कहा कि यह खजाना खाली है। ‘‘ ऐसा लगता है कि न तो मुख्यमंत्री और न ही वित्तमंत्री को अपने काम के बारे में जानते हैं। यहां तक कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने भी यह बात रखी है कि वे केवल पंजाबियों को लॉलीपॉप परोस रहे हैं और उन्होने राज्य पर तीन लाख करोड़ रूपये के कर्ज के अलावा कुछ नही किया है’’।
मुख्यमंत्री द्वारा की गई सभी घोषणाओं खोखली हो गई हैं, कहते हुए सरदार मजीठिया नेे कहा कि पंजाबियों को रेत की कीमतों को 5.50 रूपये प्रति घन फीट करने के दावों से पंजाबियों को गुमराह किया जा रहा है, जबकि  सामग्री इस लागत से पांच गुना  ज्यादा पर बेची जा रही है। उन्होने कहा कि खनन माफिया को पहले की तरह कांग्रेसी चला रहे हैं और अब पंजाब कांग्रेस के प्रभारी हरीश चौधरी ने इस कार्रवाई को अपने नियंत्रण में ले लिया है। उन्होने कहा , ‘‘ लोग इस लूट का खामियाजा भुगत रहे हैं, क्योंकि इस लूट के कारण रेत का एक ट्रक 35हजार रूपये से लेकर 40 हजार रूपये तक में बिक रहा है’’।
आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल के नवीनतम वादे के बारे में पूछे जाने पर, जिन्होने आप सरकार बनाने पर राज्य में महिलाओं को 1000 रूपये प्रति माह देने का वादा किया है, सरदार मजीठिया ने सवाल किया कि क्या वादा सही है। उन्होने कहा कि जरूरतमंदों को यह राशि दी जानी चाहिए कि केजरीवाल ने यह घोषणा राज्य के खजाने पर क्या असर होगा, यह सोचे बिना यह घोषणा की, क्योंकि वह श्री चन्नी के साथ प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं और लोगों को चांद दिलाने का वादा कर रहे हैं। उन्होने कहा कि नवीनतम वादा अव्यावहारिक था क्योंकि इसमें प्रति माह 11 हजार करोड़ रूपये खर्च होंगें।
सरदार मजीठिया ने केजरीवाल से यह भी कहा कि पहले यह बताएं कि क्या उन्होने दिल्ली में पंजाब में किए गए किसी भी वादे को लागू किया है। उन्होने कहा कि दिल्ली में आप सरकार पेट्रोल और डीजल पर वैट कम करने पर इंकार कर रही है।‘‘ ऐसा लगता है कि केजरीवल दिल्ली से भागना चाहते हैं जहां वह बहुत बुरी तरह से विफल रहे हैं और अ बवह पंजाब पर अपनी नजरें गड़ाएं हुए हैं। हालांकि वह निराश होगा क्योंकि पंजाबियों ने उसकी दोहरी नीतियों को देखा है, चाहे वह एसवाईएल हो, पराली जलाने को लेकर हो यां थर्मल पावर स्टेशन हो, पंजाबी दोबारा कभी भी उसपर विश्वास नही करेंगें।

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