Raavi voice # मुख्यमंत्री द्वारा संपत्तियों के मालिकाना हक सुरक्षित बनाने के लिए पुराने भूमि कानूनों में व्यवस्थित रूप से बदलाव लाने का आह्वान

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रावी न्यूज चंडीगढ़ (गुरविंदर सिंह मोहाली)
पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने आज पुराने भूमि कानूनों में तुरंत व्यवस्थित रूप से बदलाव लाने का आह्वान किया है, जिससे लोगों की संपत्तियों के मालिकाना हक सुरक्षित रखे जा सकें।
उन्होंने कहा कि यह प्रयास ज़मीन-जायदाद के वितरण के अलावा गिरदावरी, इंतकाल, जमाबंदी की मौजूदा व्यवस्था को आसान बनाने में सहायक होगा, जिससे लोगों के संपत्तियों के अधिकारों से वंचित करने के लिए किए जाने वाले ग़ैर-कानूनी/धोखाधड़ी के कामों द्वारा होने वाले घोर शोषण से बचाव होगा।
आज सुबह यहाँ मुख्यमंत्री कार्यालय में समूह डिप्टी कमिश्नरों के साथ बैठक की अध्यक्षता करते हुए स. चन्नी ने मुख्य सचिव को वित्त कमिश्नर राजस्व के सलाह-मश्वरे के साथ एक कमेटी का गठन करने के आदेश दिए जो डिप्टी कमिश्नर, जि़ला राजस्व अधिकारी, तहसीलदार, कानूनगो और पटवारी पर अधारित होगी। यह कमेटी राज्य के भूमि कानूनों को आसान बनाने के लिए सुधार लाने संबंधी सुझाव देगी। उन्होंने मुख्य सचिव को गिरदावरी की प्रणाली के ख़ात्मे के लिए विस्तृत प्रस्ताव लाने के लिए कहा, जिससे वैध और वास्तविक मालिकों को मालिकाना अधिकार देने सुनिश्चित बनाए जा सकें, क्योंकि कई राज्य इस प्रणाली को पहले ही अमल में ला चुके हैं।
सार्वजनिक जीवन में से भ्रष्टाचार को जड़ से मिटाने के लिए डिप्टी कमिश्नरों को सख़्त ताडऩा करते हुए स. चन्नी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि बिना कोई ढील बरते निचले स्तर तक इसका ख़ात्मा किया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने डिप्टी कमिश्नरों को अनुशासन सुनिश्चित बनाते हुए सुबह 9 बजे कार्यालय में उपस्थित होने के लिए कहा और यहाँ तक कि शाम 5 बजे के बाद भी आम लोगों की संतुष्टी तक काम करने के लिए कहा।
मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट कर दिया कि किसी भी अधिकारी को अपने कैंप ऑफिस से काम करने की इजाज़त नहीं दी जाएगी। उन्होंने डिप्टी कमिश्नरों को हिदायत की कि लोगों की शिकायतों के तत्काल हल को सुनिश्चित बनाने के साथ-साथ शाम 5 बजे के बाद भी फील्ड अफसरों के साथ बैठकें की जाएँ, जिससे वह प्रशासनिक कामकाज पर ध्यान दे सकें और हफ़्ते में दो दिन फील्ड दौरे के लिए आरक्षित रखे जाएँ, जिससे चल रही विकास गतिविधियों की निगरानी की जा सके।
साफ़-सुथरा, प्रभावशाली और पारदर्शी प्रशासन को अपनी सरकार की पहचान बताते हुए स. चन्नी ने डिप्टी कमिश्नरों को सुविधा कैंप लगाने के लिए कहा, जिससे आशीर्वाद स्कीम के अलावा बुढ़ापा, दिव्यांग, बेसहारा और विधवाओं की सामाजिक सुरक्षा पैंशनों के बकाए को निपटाया जा सके। उन्होंने यह भी आदेश दिए कि यह कैंप 20 और 21 अक्टूबर के अलावा 29 और 30 अक्टूबर को तहसील, ब्लॉक और जि़ला स्तर पर लगाए जाएँ। इसी तरह ऐसे सुविधा कैंपों के लिए अगला प्रोग्राम मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा जल्दी जारी किया जाएगा।
विकास कामों और कल्याण स्कीम में और तेज़ी लाने के लिए मुख्यमंत्री ने डिप्टी कमिश्नरों को सम्बन्धित विधायकों के साथ मीटिंगें करने के लिए कहा जिससे उनके हलकों से जुड़ी समस्याओं को पहल के आधार पर हल किया जा सके। उन्होंने डिप्टी कमिश्नरों को 2 किलोवाट लोड तक के सभी योग्य लाभार्थियों तक पहुँच करके बिजली के बकाए माफ करने के लिए निर्धारित फार्म भरने के लिए फील्ड स्टाफ तैनात करने के लिए कहा।
इसी तरह उन्होंने ड्राइविंग लायसेंस, जन्म और मौत सर्टिफिकेट को समय पर जारी किये जाने की ज़रूरत का भी जि़क्र किया। स. चन्नी ने डिप्टी कमिश्नरों को ताडऩा की कि जिलों में अपने अधीनस्थ स्टाफ के कामकाज पर नजऱ रखी जाये जिससे फाइलों पर अनावश्यक ऐतराज़ों की प्रथा को ख़त्म किया जा सके क्योंकि इससे आम लोगों को अपमानित होना पड़ता है।
बसेरा स्कीम को समयबद्ध लागू करने और बेघर लोगों को 5 मरले के प्लाट अलाट करने के लिए मुख्यमंत्री ने डिप्टी कमिश्नरों को शहरी इलाकों की झुग्गियों-झौंपडिय़ों में राज्य सरकार की ज़मीन पर बैठे लोगों को मालकी हक देने और गाँवों में योग्य लाभार्थियोंं को 5-5 मरले के प्लाट देने की प्रक्रिया दो हफ़्तों में मुकम्मल करने के लिए कहा जिससे दीवाली के शुभ मौके लाभार्थियों को जायदाद कार्ड(सन्नद) दिए जा सकें। उन्होंने डिप्टी कमिश्नरों को हरेक ब्लाक में जिम और अन्य खेल गतिविधियों की सहूलतों के साथ लैस कम से कम चार खेल मैदान विकसित करने के लिए कहा जिससे हमारे नौजवानों को खेल के लिए उत्साह मिलेगा और उनकी अथाह ऊर्जा रचनात्मक ढंग से इस्तेमाल की जा सकेगी।
रजिस्टरी दफ़्तरों में ख़ास करके भ्रष्टाचार की प्रचलित प्रणाली की कड़ी निंदा करते उन्होंने विशेष तौर पर डिप्टी कमिश्नरों को कहा कि वह तहसीलदारों को शाम 5:00 बजे के बाद रजिस्टरी करने की आज्ञा न दें। उन्होंने कहा कि राजस्व अधिकारियों की उनके दफ़्तरों में प्रात:काल 9 बजे से शाम 5 बजे तक फील्ड में उपलब्धता को यकीनी बनाया जाये और रजिस्टरी के लिए निर्धारित फीस ही वसूली जाये। मुख्यमंत्री ने डिप्टी कमिश्नरों को यह यकीनी बनाने के लिए भी कहा कि बेवजहा रजिस्टरी में देरी न की जाये। डिप्टी कमिश्नरों को यह यकीनी बनाना होगा कि आम लोगों से कोई भी अपने कामों को करवाने के लिए रिश्वत देने के लिए मजबूर न हो जैसे अपने घरों की इमारती योजनाएँ, फील्ड दफ्तरों से ड्राइविंग और हथियारों के लायसैंसें को मंज़ूरी देना आदि और उनको भ्रष्टाचार पर सख़्ती से रोक लगाने के लिए एक विधि तैयार करने के लिए कहा जिससे साफ़, जवाबदेही वाले और पारदर्शी प्रशासन को यकीनी बनाया जा सके।
नशीले पदार्थों की तस्करी और खनन की समस्याओं के हल का प्रस्ताव करते हुये मुख्यमंत्री ने शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों के स्थानीय नुमायंदों की मदद से ऐसी कार्यवाहियों में शामिल दोषियों को पकडऩे के लिए खुले दिल से सहयोग देने की विनती की।
स्वास्थ्य और शिक्षा के महत्व का जि़क्र करते हुये मुख्यमंत्री ने डिप्टी कमिश्नरों को डाक्टरों /पैरा मैडीकल और अध्यापकों की समय की पाबंदी को यकीनी बनाने के लिए नियमित तौर पर अचानक दौरे करने के लिए कहा। जो भी कर्मचारी अपनी ड्यूटी निभाने में गैर-हाजिऱ पाया गया, उसे तुरंत मुअत्तल किया जाये। उन्होंने मुख्य सचिव को यह भी कहा कि वह सभी विभागीय मुखियों को सम्बन्धित डिप्टी कमिश्नर को भरोसे में लिए बगैर ऐसे गलत कर्मचारियों को बहाल न करने के लिए विस्तृत निर्देश जारी करें।
प्रवासी भारतीयों की सम्पतियों की रक्षा के लिए मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार की दृढ़ वचनबद्धता को दोहराते हुये कहा कि ज़रुरी कानूनी ढांचे को मज़बूत किया जाये जिससे अनैतिक व्यक्तियों के साथ मिलीभुगत करके प्रवासी भारतीयों की सम्पतियों को गैर-कानूनी /धोखेबाज़ी से न हथियाया जा सके। उन्होंने जि़ला प्रशासन को प्रवासी भारतीयों पर राज्य सरकार की योजना, जिसमें सरकार की तरफ से समान ग्रांट दी जाती है, के अधीन अपनी मातृ भूमि के प्रति अपनत्व की भावना के साथ कुछ स्कूलों /अस्पतालों /शैक्षिक अदारों को अपनाने के लिए ज़ोर डालने के लिए कहा।
मुख्यमंत्री ने डिप्टी कमिश्नरों को धान की निर्विघ्न और तेज़ी से खरीद और ढुलाई को यकीनी बनाने के लिए अपने अधिकार क्षेत्र में मंडियों का निजी तौर पर दौरा करने के इलावा किसानों को समय पर अदायगी यकीनी बनाने के लिए कहा जिससे किसी भी किसान को परेशानी न हो।
मीटिंग में दूसरों के इलावा मुख्य सचिव अनिरुद्ध तिवाड़ी, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव हुसन लाल, मुख्यमंत्री के विशेष प्रमुख सचिव राहुल तिवाड़ी और कमल किशोर यादव मौजूद थे।

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