Raavi News # चुनाव नवजोत सिद्धू के अंहकार को तोड़ने के लिए

चुनाव अखाड़ा 2022

रावी न्यूज अमृतसर

पूर्व मंत्री स. बिक्रम सिंह मजीठिया ने आज कहा है कि  वह अपना फर्ज निभाएंगें तथा अमृतसर पूर्वी हलके से आगामी विधानसभा चुनाव लड़ने और मजीठा सीट से अपनी पत्नी गनीव कौर मजीठिया को सौंपने का फैसला लिया है। यहां एक प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए स. बिक्रम सिंह मजीठिया ने कहा कि उन्होने अमृतसर पूर्व के लोगों में संदेह देखा , जो यह महसूस करेंगें कि दो हलकों से चुने जाने के बाद वह सीट छोड़ सकते हैं। ‘‘ मैंने इस चिंता का समाधान किया है और आगामी चुनाव अमृतसर पूर्वी से अकेले लड़ने का फैसला किया है’’।
स. मजीठिया ने कहा कि चुनाव , प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नवजोत सिद्धू के अंहकार को तोड़ने के लिए भी है। ‘‘ मैंने उन्हे हलके के लोगों का सम्मान करना सिखाने का फैसला किया है। आप देखेंगें कि अभियान के अंत तक वह लोगों से प्यार करने लगेगा। वह बड़ों का सम्मान करना सीखेंगें। उन्हे हवा में बयानबाजी करना बंद करना होगा और उन्हे आम आदमी के स्तर तक उतरना होगा। यह कहते हुए कि अमृतसर पूर्वी के लोग सिद्धू के व्यवहार से अपमानित महसूस करते हैं, अकाली  नेता ने कहा ,‘‘ सिद्धू ने कभी भी अपने हलके के किसी भी सामाजिक समारोह में भाग नही लिया। वह किसी के निधन पर शोक मनाने नही गए हैं। वे न केवल अपने हलके के लोगों से बेखबर हैं, बल्कि  चुनाव से पहले खेल स्टेडियम और ओवर ब्रिज जैसे प्रोजेक्टस का वादा करके उन्हे धोखा देता है और चुनाव होने के बाद उन्हे भूल जाता है। अब जब वह लोगों से मिलने जाएंगें तो अपने विधानसभा क्षेत्र की सड़कों और गलियों का हाल खुद ही देंखेंगे, लोग उनसे पीने का पानी और सीवरेज सुविधाओं सहित बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित करने में विफल रहने के बारे में पूछेंगें। अब अपने हलके के लोगों के सवालों का जवाब देने  का समय आ गया है , जब उन्हे जवाबदेह ठहराया जाएगा’’। यह कहते हुए कि वह अमृतसर पूर्वी में दिल जीतने आए हैं, सरदार मजीठिया ने कहा कि, ‘‘ मैंने मजीठा के लोगों का दिल कड़ी मेहनता और समर्पण से जीता है। मैं उनके साथ रहा हूं और उन्होने मुझे कई बार कार्यालय में चुनकर स्नेह कई गुणा लौटाया है। मैं भारी मन से मजीठा से अमृतसर जा रहा हूं। यह मेरे लिए आसान फैसला नही रहा। लेकिन मुझे लगा कि कभी कभी राजनीति में परिस्थितयां आपको ऐसे कठिन फैसले लेने के लिए मजबूर कर देती है। यह एक ऐसा ही उदाहरण है। मैं अमृतसर पूर्व से आगामी चुनाव लड़ने की अनुमति और आर्शीवाद देने के लिए मजीठा के  लोगों के साथ साथ मेरी कोर टीम का भी आभारी हूं जिन्होने मुझे अमृतसर पूर्वी से चुनाव लड़ने के लिए आज्ञा तथा आर्शीवा उनहानेद दिया तथा यदि हलके की सेवा करते हुए कोई कमी रह गई हो तो उसके लिए मैं क्षमा मांगता हूं। उन्होेने कह कि आज तक मजीठा हलका ही उनके परिवार था तथा अब से मजीठा तथा अमृतसर पूर्वी दोनो हलके उनके परिवार का हिस्सा बन गए हैं। स. मजीठिया ने कहा कि उन्हे विश्वास है कि उनकी पत्नी गनीव कौर मजीठिया पूरे समर्पण के साथ लोगों की सेवा करेगी। ‘‘ यह उनके लिए भी आसान निर्णय नही है, लेकिन मुझे विश्वास है कि वह लोगों की सेवा की परिवार की परंपरा को जारी रखेंगी’’।

Share and Enjoy !

Shares

Leave a Reply

Your email address will not be published.