Raavi News # सुखबीर बादल ने कांग्रेस मंत्री तृप्त बाजवा और एस.एफ.जे के बीच संबंधों की जांच की मांग

चुनाव अखाड़ा 2022


रावी न्यूज काहनूवान (गुरदासपुर)

शिरोमणी अकाली दल के अध्यक्ष स.सुखबीर सिंह बादल ने आज कांग्रेस मंत्री तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा और अलगाववादी संगठन सिख्स फॉर जस्टिस (एसएफजे) के बीच संबंधों की जांच की मांग करते हुए कहा कि मंत्री  के एसएफजे का नेतृत्व करने वाले पन्नू परिवार से संबंध हैं।कादियां हलके के उम्मीदवपार गुरइकबाल सिंह माहल के पक्ष में एक विशाल रैली को संबोधित करने के बाद यहां पत्रकारों से बातचीत करते हुए अकाली दल अध्यक्ष ने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि भले ही  लुधियाना बम विस्फोट मामले के सिलसिले में जर्मनी में प्रतिबंधित कटट्रपंथी समूह एसएफजे के सदस्य जसविंदर सिंह मुलतानी को जर्मनी से गिरफ्तार किया गया था, लेकिन कांग्रेस सरकार ने अभी भी कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के एसएफजे लिंक की कोई आंतरिक जांच शुरू नही की है, जिनमें तृप्त बाजवा भी शामिल है। उन्होने लुधियाना विस्फोट के पीछे की साजिश की तह तक जाने के लिए इन कड़ियों की निष्पक्ष जांच की मांग की और साथ ही विधानसभा चुनावों से पहले पंजाब में एसएफजे द्वारा अशांति फैलाने के प्रयास की निष्पक्ष जांच की मांग की।
5 जनवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पंजाब यात्रा के बारे में एक अन्य प्रश्न का जवाब देते हुए स. सुखबीर सिंह बादल ने कहा कि पंजाबियों को उम्मीद थी कि प्रधानमंत्री केंद्र में लगातार सरकारों द्वारा किए गए अन्याय को दूर करेंगें। उन्होने कहा कि 1966 में राज्य के पुनर्गठन के दौरान छोड़े गए चंडीगढ़ के साथ साथ पंजाबी भाषा क्षेत्रों को पंजाब में स्थानांतरित करने और राज्य के नदी के पानी के अधिकार को बहाल करने की घोषणा करने के अलावा प्रधानमंत्री किसानों और समाज के गरीब वर्गों का पूरा कर्ज माफ करने की भी घोषणा करनी चाहिए।
एक अन्य सवाल का जवाब देते हुए स. बादल ने कहा कि ई.टी.टी शिक्षकों को दिल्ली में राहुल गांधी के आवास के बाहर धरना देने के लिए मजबूर किया गया, क्योंकि मुख्यमंत्री चरनजीत सिंह चन्नी ने उन्हे झूठे आश्वासन दिए थे और उनकी शिकायतों को दूर करने से इंकार कर रहे  हैं। ‘‘ वास्तव में मुख्यमंत्री आचार संहिता लागू होने तक कर्मचारियों के सभी वर्गों को झूठा आश्वासन देने की कोशिश कर रहे हैं, जो सिर्फ अपने अधिकारों के लिए आंदोलन कर रहे हैं’’।

पंजाब कांग्रेस छोड़कर जाने के बारे में बोलते हुए सरदार बादल ने कहा,‘‘ पार्टी के नेता समझ गए हैं कि कांग्रेस ने पंजाब में अपना आधार खो दिया है , और लोगों को उनपर भरोसा नही है। यही कारण है कि डूबते जहाज से बचने के लिए वे एक दूसरे के उपर से कूद रहे हैं’’।

अकाली दल अध्यक्ष ने इस हलके में विशाल जनसमूह के लिए पार्टी के नेताओं और वर्करों की सराहना करते हुए कहा कि यह इस तथ्य का प्रमाण है कि लोग अकाली दल की लीडरशीप वाली जन-समर्थक और विकास-समर्थक नीतियों को वापिस चाहते हैं। इसके अलावा लोग पंजाबियों की पार्टी को सत्ता में लाना चाहते हैं, और बाहरी लोगों को अस्वीकार करने की तैयारी कर रहे हैं’’।

सरदार बादल ने काहनूवां में एक शानदार रोड शो में भी भाग लिया, जिसके दौरान समाज के सभी वर्गों ने बड़ी गर्मजोशी से स्वागत करने के अलावा उन्हे मालाएं पहनाईं। उन्होने पार्टी नेता कमलजीत सिंह काकी के आवास का भी दौरा किया और उन्हे आश्वासन दिया कि उन्हे अगली शिअद-बसपा गठबंधन सरकार में एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी जाएगी। श्री काकी ने इस अवसर पर अकाली दल के उम्मीदवार गुरइकबाल सिंह माहल के लिए अपना पूरा समर्थन देने का वादा किया।

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