Raavi News # सत्ताधारियों के खिलाफ आवाज उठाने वालों का अंजाम परचा – रमन बहल

चुनाव अखाड़ा 2022

गुरदासपुर, 24 दिसंबर

आम आदमी पार्टी की ओर से गुरदासपुर के हनुमान चौंक में रखी गई चुनावी रैली में आप उम्मीदवार रमन बहल ने मौका न गवाते हुए अपने राजनीतिक विरोधियों पर जम कर बरसते हुए नजर आये उन्होंने कहा कि ऐसा कोई काम नहीं जिसमें सत्ताधारी पार्टी के नुमांयदों का हिस्सा नहीं है। राजीनामा से लेकर एफआईआर की कापी लेने तक सभी काम थाना में नहीं बल्कि उनके घर से होता है और अगर कोई आवाज उठाये तो गगन महाजन की तरह उन पर महज कुछ ईट और रेत चोरी के मामले दर्ज करवा दिये जाते हैं। आज भी उन्हें मालूम है कि जो लोग इस समारोह में आये हैं किसी के घर में शाम तक पुलिस पहुंची होगी और किसी की दुकान पर जिला सेहत अधिकारी और कहीं पर बीडीपीओ। गुरदासपुर के लोग डर के माहौल में जी रहे है। जनसमूह को संबोधन करते हुए आम आदमी पार्टी के गुरदासपुर से उम्मीदवार रमन बहल ने कहा कि पंजाब इस वक्त बहुत ही मुश्किल दौर से गुजर रहा है। पंजाब आज जिस मंदी के दौर से गुजर रहा है वह मंदी किसी ओर की नहीं बल्कि अच्छी लीड़रशिप की है। हर क्षेत्र में पिछले समय में भारी गिरावट आयी है और हमारी लोकतंत्र परमपराओं को भारी नुक्सान पहुंचा है। हर तरफ राज्य में भ्रष्टाचार का बोल बाला है और अन्याय का हर जगह काबिज है। देश के लोगों को अरविंदर केंजरीवाल एक नई दिशा प्रदान करने आये हैं। बहल ने कहा कि केंजरीवाल की कहनी और करनी में कोई अंतर नहीं है, वह जो कहते हैं उन्हें वह पूरा करके दिखाते हैं, जिसकी मिसाल है दिल्ली, जो वायदे चाहे वह बिजली बिलों का हो या फिर सरकारी स्कूलों या मुहल्ला क्लीनिक का सभी को पूरा करके दिखाया है। जिसका नतीजा है तीसरी बार अरविंदर केंजरीवाल को दिल्ली के जनता ने बहुमत दिया है  और पंजाब में हालात यह है कि लोगों का राजनीतिक लोगों से विश्वास उठ गया है, क्योंकि वह कहते कुछ ओर हैं और करते कुछ ओर। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद गुरदासपुर में आठ विधायक रह चुके हैं, जिनमें से उनके पिता खुशहाल बहल चार बार हलका विधायक गुरदासपुर से रहे। उनके निधन के बाद साल 2007 से साल 2021 आ गया है इस दौरान गुरदासपुर में राजनीतिक हालात एक जंग की तरह से बने हुए हैं। सत्ता पक्ष के नेता विरोध करने की बात तो बर्दाश्त तक नहीं करते। आज भी उन्हें लगता है कि शाम तक किन किन लोगों के खिलाफ परचे और कई लोगों की दुकान पर सेहत अधिकारी की छापेमारी होगी। लोकतंत्र की हत्या करने से भी सत्ताधारी लोग परहेज नहीं कर रहे, गुरदासपुर में पंचायती चुनावों में अपने मर्जी के उम्मीदवार को वोट तक डालने का अख्तियार लोगों से छीन लिया गया। उन्होंने कहा कि जहां पर राज व्यापारियों का हो वहां की जनता का क्या होगा इसका भलिभांति अंदाजा लगाया जा सकता है। हर काम में सत्ताधारियों के उनके हिस्सेदारी है। पुलिस थाना का सिस्टम खत्म कर हर राजीनामा से लेकर एफआईआर की कापी तक लेने कि लिए सत्ताधारी लोगों की मंजूरी लेनी आम आदमी को पड़ती है। कोई आवाज उठाते तो गगन महाजन की तरह पर्चे दर्ज करवाये जाते हैं। यहां लोगों की ओर से सौंपी गई ताकत का गलत इस्तेमार किया जा रहा है।

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