Raavi News # राणा गुरजीत सिंह द्वारा केंद्र सरकार को बाग़बानी शोध संस्था के अस्थाई कैंपस की शुरूआत में तेज़ी लाने की अपील

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रावी न्यूज चंडीगढ़/नई दिल्ली (गुरविदर मोहाली)
पंजाब में बाग़बानी क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए बाग़बानी मंत्री राणा गुरजीत सिंह ने अमृतसर से लोक सभा मैंबर गुरजीत सिंह औजला सहित आज यहाँ कृषि भवन में केंद्रीय कृषि और किसान कल्याण मंत्री नरेन्दर सिंह तोमर के साथ मुलाकात की।
केंद्रीय मंत्री को स्टेट फॉरेस्ट रिर्सच इंस्टीट्यूट (एसएफआरआई) लाडोवाल की इमारत से पोस्ट ग्रैजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ हार्टिकल्चर रिर्सच एंड एजूकेशन (पीजीआईएचआरइ) के अस्थाई कैंपस की शुरूआत को तेज करने के लिए कृषि शोध और शिक्षा विभाग के सचिव को निर्देश देने की अपील करते हुये राणा गुरजीत सिंह ने केंद्रीय मंत्री को अवगत करवाया कि बाग़बानी विभाग, पंजाब की तरफ से इस सम्बन्ध में 24 मई और 27 मई, 2021 को सम्बन्धित सचिव, डीएआरइ-आईसीएआर (इंडियन कौंसिल फॉर एग्रीकल्चरल रिर्सच) को पहले ही दो बार पत्र लिखा गया है। पंजाब के बाग़बानी मंत्री ने आगे बताया कि भारत सरकार की तरफ केंद्रीय बजट 2015-16 में अमृतसर में एक पोस्ट ग्रैजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ हार्टिकल्चर रिर्सच एंड ऐजूकेशन (पी.जी.आई.एच.आर.ई.) की स्थापना के ऐलान की पैरवी करते हुये राज्य सरकार की तरफ से अटारी, अमृतसर में स्थित 100 एकड़ ज़मीन और अबोहर, ज़िला फाजिल्का में स्थित 50 एकड़ ज़मीन कृषि शोध और शिक्षा विभाग और आईसीएआर भारत सरकार को शोध के मकसद के लिए दे दी गई है। इसके इलावा गाँव चिड्डण, तहसील अजनाला, ज़िला अमृतसर में प्रशासनिक ब्लॉक की स्थापना के लिए राज्य सरकार की तरफ से डीएआरइ-आईसीएआर की सहमति से पहचान की गई ज़मीन की प्राप्ति का कार्य प्रगति अधीन हैं। इसी तरह राज्य के बाग़बानी मंत्री ने बजट 2021-22 में फरीदकोट, लुधियाना, पटियाला, बठिंडा और गुरदासपुर में 5नयी बाग़बानी अस्टेटों को मंज़ूरी देने और इसके लिए वित्तीय साल 2021-22 के लिए बजट में 80 करोड़ रुपए (16 करोड़ रुपए प्रति बाग़बानी अस्टेट) की व्यवस्था की जाये। ज़िक्रयोग्य है कि राज्य में पाँच नीबू जातियां पहले ही सफलतापूर्वक चल रही हैं। मौजूदा समय इन राज्यों को बाग़बानी अस्टेट में तबदील किया गया है जिससे इस क्षेत्र से सम्बन्धित सभी किसान इन अस्टेटों में उगाईं जा रही फसलों के बारे सभी सहूलतें और तकनीकी जानकारी प्राप्त कर सकें। इन अस्टेटों के आधार पर राज्य सरकार ने अगले पांच सालों में (प्रति साल 5अस्टेट) 25 बाग़बानी अस्टेट स्थापित करने का प्रस्ताव रखा है, जिसमें हरेक जिले में एक ऐसी संपत्ति होगी, इसके इलावा एक ही छत के नीचे किसानों को सुविधा देने के लिए फ़सली विशेष बाग़बानी अस्टेट हैं।

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