Raavi News # राज्य सरकार राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कर्मियों को केंद्र सरकार की योजना बता अपनी जिम्मेवारी पीछे नहीं हट सकती – डा. राणा

गुरदासपुर आसपास

रावी न्यूज दीनानगर (रजिंदर सैनी)

राज्य में जहां एक तरफ चुनावी सरगर्मियां चल रही है वहीं दूसरी ओर राज्य के ही राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के कर्मी अपनी सेवाएं रेगुलर करने की मांग को लेकर हड़ताल पर हैं. राज्य में स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह से ठप है. मुलाजिम नेताओं की बातचीत मंत्रियों से लगातार जारी है लेकिन इन बैठकों का भी कोई नतीजा अभी तक नहीं निकल पाया है. राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कर्मियों की कोर कमेटी के प्रधान डॉ इंद्रजीत सिंह राणा का कहना है कि राज्य सरकार राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कर्मियों को केंद्र सरकार की योजना का हिस्सा कहकर इन मुलाजिमों के प्रति अपनी जिम्मेदारियों से पीछे नहीं हट सकती. यह मुलाजिम राज्य सरकार द्वारा ही भर्ती किए गए हैं; राज्य के लोगों को ही अपनी सेवाएं दे रहे हैं तो इनके भविष्य को सुरक्षित करना भी राज्य सरकार की ही जिम्मेदारी है. राज्य सरकार की मंशा यदि मुलाजिमों के पक्ष में है तो इन मुलाजिमों को रेगुलर करने के कई तरीके हैं. हाल ही में राज्य सरकार द्वारा मुलाजिमों को रेगुलर करने के लिए बनाए गए  बिल के अधीन भी इन मुलाजिमों को रेगुलर किया जा सकता है. इसके अतिरिक्त अलग से सोसाइटी बनाकर उसके अधीन भी इन मुलाजिमों की सेवाएं रेगुलर की जा सकती हैं. अन्य राज्यों में भी राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के कर्मियों को रेगुलर किया गया है या उन्हें रेगुलर मुलाजिमों के बराबर  तनख्वाह दी जा रही है तो इसी प्रकार पंजाब राज्य में भी इन मुलाजिमों को बराबर तनख्वाह दी जा सकती है. डॉ राणा ने राज्य सरकार के प्रति अपना रोष व्यक्त करते हुए कहा कि आज राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन राज्य सरकार के लिए पैसा कमाने का जरिया और नौजवान मुलाजिमों के लिए मात्र शोषण की मशीनरी बनकर रह गया है. इसी संबंध में कोर कमेटी के अन्य मेंबर गुरप्रीत सिंह भुल्लर का कहना है कि मुलाजिम धरने प्रदर्शनों द्वारा राज्य सरकार को अपना रोष बताने की कोशिश कर रहे हैं. यदि सरकार अब भी मुलाजिमों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए कोई फैसला नहीं करती तो ना केवल अभी बल्कि चुनाव आचार संहिता के दौरान भी सरकार को अपने खिलाफ राज्य में हर जगह पर इसी प्रकार के रोष का सामना करना पड़ेगा. राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन पंजाब की कोर कमेटी के अन्य मेंबरों  जसविंदर कौर, सुखजीत, अमरजीत, अरुण दत्त, डॉ जितेंद्र, मनिंदर सिंह, रमनप्रीत कौर आदि का कहना है कि जो सरकार अपने कुछ हजार मुलाजिमों का भविष्य सुरक्षित नहीं कर सकती; वह सरकार राज्य की तीन करोड़ जनता को क्या सुरक्षा देगी. एनएचएम कोर कमेटी द्वारा मंगलवार को बठिंडा जिले में अगली विशाल रैली करने की घोषणा की गई है. इनका कहना है कि यह रैलियां तब तक होती रहेंगी जब तक कि सरकार इनकी मांगे नहीं मान लेती.

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