भाजपा अगर दिल्ली नगर निगम का चुनाव जीत जाए तो राजनीति छोड़ देंगे: केजरीवाल

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नई दिल्ली, 23 मार्च (आईएएनएस)| दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भाजपा को नगर निगम चुनाव लड़ने की चुनौती देते हुए कहा है कि यदि अभी चुनाव करा लिए जाएं और बीजेपी यह चुनाव जीत जाए तो आम आदमी पार्टी राजनीति छोड़ देगी।

गौरतलब है कि दिल्ली में नगर निगम चुनाव होने हैं लेकिन इन चुनाव में कुछ विलंब हो रहा है। दिल्ली में तीन नगर निगम हैं इन तीनों नगर निगमों को फिर से एक नगर निगम बनाने का प्रस्ताव कैबिनेट द्वारा पारित किया गया है। आम आदमी पार्टी का आरोप है कि केंद्र सरकार जानबूझकर नगर निगम चुनाव में देरी कर रही है।

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि भाजपा का दिल्ली नगर निगम के चुनाव टालना शहीदों का अपमान है, जिन्होंने अंग्रेजों को देश से भगाकर देश में जनतंत्र स्थापित करने के लिए कुरबानियां दीं थीं। आज ये हार के डर से दिल्ली नगर निगम के चुनाव टाल रहे हैं, कल ये राज्यों और देश के चुनाव टाल देंगे।

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा दिल्ली नगर निगम के चुनाव टाल रही है। ये दिल्ली के तीनों निगम एक कर रहे हैं। क्या इस वजह से चुनाव टल सकते हैं। कल ये गुजरात हार रहे होंगे तो क्या ये कह कर टाल सकते हैं कि गुजरात और महाराष्ट्र को एक कर रहे हैं। क्या इसी तरह का कोई बहाना बना कर लोक सभा चुनाव टाले जा सकते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा अपने आप को दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी कहती है। कमाल है। दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी एक छोटी सी आम आदमी पार्टी से घबरा के भाग गयी। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी को चुनौती देते हुए कहा कि हिम्मत है तो दिल्ली नगर निगम के चुनाव टाइम पे करवा के दिखाओ।

इससे एक दिन पहले मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मंगलवार को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर नई दिल्ली नगर परिषद के 4500 अस्थाई कर्मचारियों को सरकारी नौकरी देने की मांग की।

मुख्यमंत्री का कहना है कि यह कर्मचारी नियमित मस्टर रोल ग्रुप में काम कर रहे हैं और राष्ट्रीय राजधानी में विभिन्न महत्वपूर्ण सेवाओं को संभालने के लिए नियुक्त किए गए हैं।

सीएम अरविंद केजरीवाल ने अपने पत्र में कहा है कि यह स्थाई कर्मचारी एनडीएमसी में मौजूदा रिक्तियों के तहत अपनी नौकरी पक्की होने का कई वर्षों से इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि कैसे इन कर्मचारियों ने एनडीएमसी में अस्थाई कर्मचारियों के रूप में अपने कई साल समर्पित किए हैं और नौकरी पक्की नहीं होने की वजह से लंबे समय से पीड़ित हैं।

उल्लेखनीय है कि कर्मचारियों को स्थाई करने का प्रस्ताव केंद्रीय गृह मंत्रालय के पास दो साल से अधिक समय से लंबित है, जिसको लेकर अभी हाल ही में इन कर्मचारियों ने सीएम अरविंद केजरीवाल से मिलकर सहयोग मांगा था।

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