जत्थेदार टोहड़ा का जीवन सभी के लिए प्रेरणादायक था और रहेगा : शेखावत

पंजाब

रावी न्यूज चंडीगढ़

शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) के और आल इंडिया अकाली दल के पूर्व अध्यक्ष पंथ रत्न जत्थेदार गुरचरण सिंह टोहड़ा की 18वीं पुण्यतिथि पर उनको अपने श्रद्धासुमन अर्पित करने के लिए करवाए गए समागम में प्रधानमंत्री नरेंदर मोदी, केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह व भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जे.पी. नड्डा की तरफ से केन्द्रीय जल-शक्ति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत दिल्ली से विशेष रूप से उन्हें नमन करने पहुंचे।

                गजेन्द्र सिंह शेखावत ने इस अवसर पर जहाँ जत्थेदार टोहड़ा जी को अपने श्रद्धासुमन अर्पित किए वहीँ अपने संबोधन में कहा कि जत्थेदार गुरबचन सिंह टोहड़ा जी का जीवन सबके लिए प्रेरणास्त्रोत था और रहेगा। उन्होंने मात्र 21 वर्ष की आयु में उनका राजनीतिक सफर शुरू किया और जीवन पर्यंत तमाम कठिनाइयों का सामना करते हुए उन्होंने कभी पंजाब की मुख्य मांगों को लेकर किसी भी तरह का समझौता नहीं किया। उन्होंने कई बार जेल भी काटी। उन्होंने पृथक पंजाब राज्य के गठन के लिए चले आंदोलन में भी सक्रिय भूमिका निभाई और इसके लिए जेल भी गए। 1972 से 1999 तक एसजीपीसी के अध्यक्ष रहे। 1975 में आपतकाल का भी कड़ा विरोध किया। 1977 में लोकसभा चुनाव जीत कर राष्ट्रीय राजनीति में उभरे। वर्ष 1980 में वह राज्यसभा सांसद चुने गए और छह बार संसद के ऊपरी सदन में पंजाब का प्रतिनिधित्व किया। जत्थेदार साहिब ने सदा लोगों के हक में आवाज़ बुलंद की और उनके हक दिलवाने तक संघर्ष जारी रखा। सिख राजनीति में उनकी छवि कट्टर नेता के रूप में रही। उन्होंने कहा कि उनकी शख्सियत एक ऐसी थी कि जिसे लोग सदियों को तक याद रखेंगे।

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