हाईवोल्ट तारों से लगा महिला को करंट, बुरी तरह से महिला झुलसी

दुनिया

रजिंदर सैनी

दीनानगर। दीनानगर के गांव अब्बलखैर में घर के ऊपर से गुजरती 11 हजार वोल्टेज तारों की चपेट में आने से एक महिला बुरी तरह से झुलस गई, गनीमत रही कि महिला करंट के झटके से दूर जाकर गिरी। जिसे सिविल अस्पताल गुरदासपुर में भर्ती करवाया गया, जहां से डाक्टरों ने प्राथमिक उपचार देकर उसे अमृतसर के लिए रेफर कर दिया। डाक्टरों के मुताबिक महिला 40 से 50 फीसद झुलस चुकी है।

उधर, महिला के पारिवारिक सदस्यों व गांव के लोगों ने बिजली विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए आरोप लगाया कि पावर काम विभाग के अधिकारियों को कई बार घरों के ऊपर से गुजरती हाई वोल्टेज तारों को हटाने के लिए शिकायत दे चुके हैं यहां तक की पैसे भी जमा करवा चुके हैं मगर विभाग द्वारा अभी तक घर के ऊपर से गुजरती हाई वोल्टेज तारों को नहीं हटाया गया। उन्हें जिस बात का डर था आखिरकार वही हो गई है। अगर झुलसी महिला ठीक न हुई तो वह बड़े स्तर पर पावर का विभाग के खिलाफ मोर्चा खोलेंगे।           गांव अबुलखैर निवासी गुलजार मसीह ने बताया कि सोमवार सुबह को उसकी पत्नी परवीन सुबह 11 बजे घर की छत पर काम कर रही थी तो उनकी छत से मात्र ढाई फीट ऊंचाई से होकर गुजरती हाई वोल्टेज तारों की चपेट में आ गई, जो कि काफी देर तक तारों में फंसी रही। उसे गंभीर हालत में एंबुलेंस के माध्यम से सिविल अस्पताल गुरदासपुर में भर्ती करवाया गया। जहां से हालत गंभीर देखते हुए डाक्टरों ने अमृतसर के लिए रेफर कर दिया। महिला के पति ने बताया कि घरों के ऊपर से गुजरती हाई वोल्टेज तारों संबंधी क्षेत्र की कैबिनेट मंत्री और बिजली विभाग के अधिकारियों के कई बार ध्यान में लाया गया है। विभाग के आदेशों पर तारों को हटाने के लिए गांव के लोगों की ओर से बनता भुगतान पावरकाम के खाते में डाली जा चुकी हैं, फिर भी कई सालों से तारों को नहीं हटाया जा रहा। विभाग की लापरवाही के कारण आज उसकी पत्नी जिदगी और मौत की जंग लड़ रही है। महिला की हालत नाजुक

गुरदासपुर में महिला को उपचार देन वाले डाक्टर अरविद महाजन ने बताया कि महिला काफी झुलस चुकी है। महिला का मुंह, बाजू सहित शरीर के अन्य हिस्से बुरी तरह से झुलसे हैं। यहां तक कि महिला का एक हिस्सा पूरी तरह से डैमेज हो चुका है। एक घंटे तक नहीं काटी बिजली घटना के एक घंटे बाद भी पावरकाम के अधिकारी गांव में नहीं पहुंचे। हालांकि गांव के लोगों ने घटना के तुरंत बाद अधिकारियों को सूचित कर दिया गया था। बावजूद करीब एक घंटे तक बिजली सप्लाई बंद नहीं की गई। लोगों ने यह मामला कैबिनेट मंत्री अरुणा चौधरी के ध्यान में भी ला दिया है। हालांकि काफी एक घंटे बाद गांव में पहुंचे बिजली अधिकारियों से गांव वालों की कुछ देर के लिए बहस भी चलती रही। उधर, पावरकाम के अधिकारी रमेश सारंगल का कहना है कि उनकी ओर से तारों को हटाने के लिए सारा काम मुकम्मल कर लिया गया है, मगर पास के गांव के एक व्यक्ति ने अड़चन डाली हुई है, जिस कारण तारों को हटाने का प्रोसेस लंबा चला जा रहा है। उन्होंने कहा कि जल्द ही वह तारों को हटा देंगे।

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