शांति देवी आर्य महिला कालेज दीनानगर में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाया

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दीनानगर

शांति देवी आर्य महिला कालेज दीनानगर में एनएसएस व यूथ वेलफेयर डिपार्टमेंट की तरफ से प्रिंसिपल रत्ना शर्मा की अध्यक्षता में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस का आयोजन किया गया। प्रिंसिपल रत्ना शर्मा ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि महिला दिवस को सिर्फ एक ही दिन में सीमित न रखते हुए इसकी मान्यता प्रतिदिन होनी चाहिए। उन्होने कहा कि नारी को अपने अधिकारों के साथ अपने कर्तव्यों के प्रति चेतन न होनी बहुत जरुरी है। अगर वह इन दोनों के बीच सामंजस्य बनाकर रखती है तो यह जीवन स्वर्ग बन जाएगा। उन्होंने कहा कि कंजक पूजन साल में दो बार किया जाता है और बाकी दिन नारी का तिरस्कार किया जाता है। अगर हम नारी को प्रतिदिन सम्मान प्रदान करते है तो हमें इस तरह के दिवस पर नारी के अधिकारों की चर्चा की जरुरत नहीं रहेगी और हर घर में बेटी को सम्मानजनक दृष्टि से देखा जाएगा और उसके आगमन पर भी खशियां मनाई जाएगी। मुख्य प्रवक्ता डा. रीना तलवार ने पुरातन काल से लेकर मध्यकालीन व आधुनिक काल में नारी के जीवन में बदलाव पर प्रकाश डालते हुए कहा कि नारी के सशक्तिकरण के लिए केवल शिक्षित होना ही जरुरी नहीं, बल्कि उसमें आत्मबल का होना बहुत ही जरुरी है। एक साधारण ग्रामीण महिला भी सशक्त हो सकती है। अगर उसके अंदर आत्मविश्वास और मनोबल मौजूद होता है। उन्होने कहा कि आज के आधुनिक युग में अगर नारी पुरुष के साथ कंधे से कंधा मिलाकर परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में जुटी हुई है तो अपनी पुरानी मानसिकता को छोडकर पुरुष को भी घर के कार्यों की जिम्मेदारियों में औरातों का बराबर साथ देना चाहिए। नीनू शर्मा ने मंच का संचालन किया और इस दिवस की महत्ता बताते हुए कहा कि वेदों के अनुसार नारी को पुरुष के बराबर नहीं, बल्कि उससे कहीं ऊंचा दर्जा प्रदान किया गया था और देवी के समान उसे पूजा भी जाता रहा और आज भी हमें अपनी भारतीय संस्कृति व वेद शिक्षा का पालन करते हुए नारी को सम्मानजनक दृष्टि से देखना चाहिए ताकि भविष्य में हम एक संतुलित समाज का निर्माण करने में योगदान दें सकें। इस मौके पर डा. सुष्मा गुप्ता, संगीता मल्होत्रा, दीपक ज्योति, डा. मनीता काहलों, रमा कपूर व प्रवीण सैनी आदि उपस्थित थे।

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