पंजाब सुरक्षित हाथों में, उप-मुख्यमंत्री रंधावा द्वारा विश्वास प्रकट, ’अफवाहें फैलाने के खिलाफ दी चेतावनी

चंडीगढ़

रंधावा ने पंजाब पुलिस हैडक्वार्टर पर की अचानक चैकिंग, गैरहाजिर कर्मियों को चेतावनी देकर छोड़ा’

रावी न्यूज चंडीगढ़

कुछ स्वार्थी तत्वों द्वारा अपने संकुचित हितों के लिए पंजाब में और इससे बाहर अमन और कानून की स्थिति को लेकर फैलाई जा रही अफवाहों के खिलाफ चेतावनी देते हुए उप-मुख्यमंत्री स. सुखजिन्दर सिंह रंधावा ने आज कहा कि ऐसी भद्दी हरकतों द्वारा राज्य के लोगों में अनावश्यक डर और असुरक्षा की भावना पैदा होती है।

राज्य में सरकार बदलने के बाद पाकिस्तान से पेश खतरे सम्बन्धी बखेड़ा खड़ा करने वाले समूह आलोचकों को उन्होंने कहा, ‘‘चिंता मत करो, पंजाब सुरक्षित हाथों में है और जब भी जरूरत पड़ेगी तो हर तरह का बलिदान दिया जायेगा।’’

स. रंधावा जिनके पास गृह विभाग भी है, यहाँ सैक्टर-9 स्थित पंजाब पुलिस के हैडक्वार्टर में सुबह 9 बजे अचानक चैकिंग करने के उपरांत कुछ मीडिया कर्मियों के साथ अनौपचारिक बातचीत कर रहे थे। उनके साथ कार्यकारी डी.जी.पी. इकबाल प्रीत सिंह सहोता, ए.डी.जी.पी. कानून और व्यवस्था गौरव यादव, ए.डी.जी.पी. प्रोवीजनिंग नरेश अरोड़ा और ए.डी.जी.पी. तकनीकी सेवाएं कुलदीप सिंह भी साथ थे।

जिक्रयोग्य है कि पंजाब के मुख्यमंत्री स. चरणजीत सिंह चन्नी ने राज्य / जिला / तहसील / ब्लाॅक स्तर पर सभी सरकारी अधिकारियों / कर्मचारियों को सुबह 9 बजे से अपने-अपने दफ्तरों में पहुँचने और दफ्तरी समय तक अपने दफ्तर में मौजूद रहने की हिदायतें दी हैं जिससे राज्य के लोगों को सरकारी सेवाएं निर्विघ्न और आसानी से प्रदान की जा सकें।

उप-मुख्यमंत्री ने कहा कि हालाँकि यह सत्य है कि पाकिस्तान और उसकी जासूसी एजेंसियाँ भारत और सरहदी राज्य पंजाब के लिए हमेशा खतरे पैदा करती रही हैं परन्तु इसके साथ ही पंजाबियों ने अपनी हिम्मत और हौसले से हर चुनौती का सामना किया है। उन्होंने आगे कहा, ‘‘इस खतरे सम्बन्धी कुछ भी नया नहीं है, बल्कि यह तो पहले भी मौजूद था और आगे भी रहेगा।’’ उन्होंने सवाल किया, ‘‘अब दो हफ्तों में क्या बदल गया?’’ उन्होंने पंजाब को देश का दाहिना हाथ कहा जिसने हर फ्रंट पर देश की रक्षा की है।

आजादी से पहले और बाद में कांग्रेस पार्टी द्वारा दिए गए बलिदानों का हवाला देते हुए स. रंधावा ने कहा, ‘‘इन बलिदानों से हर कांग्रेस वर्कर को उत्साह मिला है और यह बलिदान व्यर्थ नहीं जाएंगे। हमने अपना जीवन देश की एकता और अखंडता की रक्षा के लिए कुर्बान किया है जबकि बाकी तो एक सुरक्षित दूरी पर बैठकर मूक दर्शन बने रहे हैं।’’ उन्होंने यह भी कहा कि यह कोई पहली बार नहीं जब हमें कोई खतरा पेश हो।

उप-मुख्यमंत्री ने खेद जताया कि सिर्फ कुछ राजसी विरोधियों द्वारा अनावश्यक खौफ का माहौल पैदा किया जा रहा है जिससे लोगों में घबराहट फैले। उन्होंने पूछा, ‘‘ऐसे अनावश्यक डर और सहम का माहौल पैदा करके आप किसकी मदद करना चाहते हो?’’ उन्होंने कहा कि चुनौती का सामना करना एक बात है जबकि झूठी सूचनाओं के द्वारा अफवाह फैलाना सरासर गलत है।

गृह मंत्री ने यह भी सवाल किया कि कुछ ही दिनों के समय में ऐसा क्या बदल गया कि एक हफ्ते पहले पंजाब बिल्कुल सुरक्षित था और अब अचानक ही यहाँ का माहौल सुरक्षित नहीं रहा जैसे कि आलोचकों द्वारा सुझाया जा रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘यदि पंजाब इस समय सचमुच खतरे में है तो इसके बीज हफ्ते पहले नहीं बल्कि काफी समय पहले बीजे गए होंगे।’’ उन्होंने यह जवाब भी माँगा कि इस खतरे से निपटने के लिए क्या कदम उठाए गए।

स. रंधावा ने वादा करते हुए कहा, ‘‘अंत में मैं सभी, जो पंजाब की शान्ति को लेकर चिंतित हैं, को विश्वास दिलाता हूँ कि राज्य की सुरक्षा, अमन और शान्ति और देश की अखंडता को कायम रखने के लिए किसी भी बलिदान से पीछे नहीं हटा जायेगा।’’

उप-मुख्यमंत्री ने आज पंजाब पुलिस हैडक्वार्टर पर गैरहाजिर रहने वाले पुलिस कर्मियों को एक बार छोड़ते हुए चेतावनी देते हुए कहा कि इस चैकिंग का मकसद लोगों को बेहतर और प्रभावशाली ढंग के साथ नागरिक समर्थकीय सेवाएं मुहैया करवाना है। उन्होंने कहा कि पुलिस कर्मी समय पर आएं जिससे लोगों को अपने काम करवाने के लिए इन्तजार न करना पड़े। उन्होंने कहा कि पुलिस कर्मी यह यकीनी बनाएं कि पुलिस थानों में लोगों को कोई परेशानी या दिक्कत न हो।

स. रंधावा ने पुलिस अधिकारियों को कहा कि नशों को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जायेगा। इसके साथ ही उन्होंने पुलिस को लोगों की हिस्सेदारी खासकर नौजवानों को साथ लेकर चलने पर भी जोर दिया।

इसी दौरान उप-मुख्यमंत्री ने यह विश्वास दिलाया कि सभी पुलिस कर्मियों की पदोन्नतियां समय पर की जाएंगी। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि 10,000 पुलिस कर्मियों की भर्ती का काम युद्ध स्तर पर जारी है। उन्होंने पुलिस में खेल कोटे के पद समय रहते भरने पर भी जोर दिया।

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