नम आंखों से अशोक चक्र विजेता की शहादत को किया नमन

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रावी न्यूज

गुरदासपुर। जम्मू-कश्मीर के बांदीपुर जिले के गुरेज सैक्टर में 12 आतंकियों को मारकर शहादत का जाम पीने वाले भारतीय सेना की 15 मराठा लाइट इन्फैंट्री के अशोक चक्र विजेता शहीद लेफ्टिनेंट नवदीप सिंह का 10वां श्रद्धांजलि समारोह शहीद सैनिक महासचिव कुंवर रविंदर सिंह विक्की की अध्यक्षता में सरकारी कालेज स्थित शहीद के नाम पर बने स्टेडियम में आयोजित किया गया। जिसमें स्टेशन हैड क्वार्टर तिब्बड़ी कैंट के कमांडर ब्रिगेडियर नरिंदर सिंह, बतौर मुख्य मेहमान शामिल हुए। इनके अलावा शहीद की माता जगतिन्द्र कौर, पिता कैप्टन जोगिन्द्र सिंह, भाई संदीप सिंह, बहन नवजोत, एसएसएस बोर्ड पंजाब के चेयरमैन रमन बहल, लेबरसैल पंजाब के चेयरमैन गुरमीत सिहं पाहड़ा, शहीद की युनिट के कैप्टन अजय पवार,  7 पंजाब एनसीसी बटालियन के कमांडर कर्नल अंकुश नगयाल, 29 डी.ओ.यू के लेफ्टिनेंट कर्नल वी विवेक, ग्राम सुधार सभा बहरामपुर के प्रधान ठाकुर विजय सलारिया, एसडीओ नरेश त्रिपाठी, समाज सेवक इंद्रजीत सिंह बाजवा,  चाइना बार्डर की गलवान घाटी में चीनी सैनिकों से लड़ते हुए शहादत का जाम पीने वाले नायब सूबेदार सतनाम सिंह की पत्नी जसविन्द्र कौर व बेटा प्रभजोत सिंह, शौर्य चक्र विजेता लांस नायक संदीप सिंह के पिता जगदेव सिंह, पुलवामा हमले में शहीद हुए कांस्टेबल मनिन्द्र सिंह के पिता सतपाल अत्री, शहीद सिपाही जतिन्द्र कुमार के पिता राजेश कुमार, शहीद नायक अजय सलारिया के पिता कैप्टन रछपाल सिंह, वीरचक्र विजेता सूबेदार निर्मल सिंह की पत्नी मनजीत कौर आदि ने विशेष मेहमान के तौर पर शामिल होकर शहीद को श्रद्धांजलि अर्पित की। सर्वप्रथम मुख्यातिथि व अन्य मेहमानों ने शहीद के चित्र के समक्ष ज्योति प्रज्वलित कर व रीथ चढ़ाकर कार्यक्रम का आगाज किया। सेना के जवानों ने शस्त्र उल्टे कर बिगुल की मातमी धुन से शहीद को सलामी दी।

उसके उपरांत आयोजित श्रद्धांजलि समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यातिथि स्टेशन कमांडर ब्रिगेडियर नरिंदर सिंह ने कहा कि शहीद लेफ्टिनेंट नवदीप सिंह जैसे शूरवीर भारतीय सेना का गौरव है। जिन्होंने दस वर्ष पूर्व जम्मू कश्मीर के गुरेज सेक्टर में 12 पाक प्रशिक्षित आतंकियों को मार अपना बलिदान देकर जिस शौर्य व अदम्य साहस का परिचय दिया, उसकी मिसाल बहुत कम देखने को मिलती है। उन्होने कहा कि बहादुरों की धरती पंजाब की बलिदानी मिट्टी को वह शत-शत नमन करते है जिसमें असंख्य लाल देश की बलिवेदी पर कुर्बान किए है। उन्होंने कहा कि शहीद परिवारों को अपने जिगर के टुकड़ो को देश पर कुर्बान करने पर गम नहीं करना चाहिए, बल्कि उनकी शहादत पर गर्व करते हुए समाज में सिर उठाकर जीना चाहिए। उन्होंने कहा कि वह अगले तीन महीनों में हर शहीद के घर जाकर उनका मनोबल बढ़ाते हुए उन्हें यह अहसास करवाएंगे कि भारतीय सेना हर दुख की घड़ी में उनके साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि शहीदों के सम्मान में जो काम हमें करना चाहिए, वो शहीद सैनिक परिवार सुरक्षा परिषद के सदस्य शहीदों की याद में ऐसे समारोह आयोजित कर समाज में देशभक्ति की अलख जगा रहे हैं।

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