देश के अन्नदाता का आस्तित्व बचाने के लिए कर रहे संघर्ष– रमन बहल

पंजाब राजनीति

रावी न्यूज

गुरदासपुर। एस.एस बोर्ड के चेरयमैन रमन बहल ने अपने फार्म हाउस में केंद्र की मोदी सरकार की ओर से बनाये गये तीन काले खेती कानूनों के खिलाफ तथा किसानों की फसलों के कम से कम समर्थन मूल्यों संबंधी कानून बनाने को लेकर दिल्ली सीमा पर पूरे देश के किसानों की ओर से किये जा रहे संघर्ष के लिए संयुक्ति किसान संगठन की ओर से मनाये जारहे काले दिवस के समर्थन में इलाके के किसानों के साथ मिल कर रोष प्रगट किया।

रमन बहल ने कहा कि भारत खेती प्रधान देश है, जिसकी 85 प्रतिशत आबादी खेती अर खेती संबंधित रोजगारों पर निर्भर है। केंद्र ने कार्पोरेट घरानों को लाभ पहुंचाने के लिए देश के किसानों, खेती मजदूरों तथा खेती से संबंधित कारोबारियों का भविष्य खतरे में डाल दिया है। तीन काले कानूनों के खिलाफ चाहे पंजाब के किसानों ने पहलकादमी की है। आज इस अंदोलन पूरे देश में फैल चुका है और पूरे देश के किसान व खेती मजदूर अपने हकों के लिए संघर्ष की राह पर पड़ चुके हैं। दिल्ली सीमा पर देश के किसानों को आज पूरे छह माह हो चुके हैं। 500 के करीब किसान मजदूर अपनी कुर्बानी दे चुके हैं। वह किसान जो पूरे देश का पेट पालता है, वह किसान आज अपने आस्तित्व को बचाने के लिए संघर्ष कर रहा है. केंद्र की मोदी सरकार को इन काले कानूनों को वापिस लेना चाहिये। अगर सरकार ने यह कानून वापिस न लिये तो किसानों ने तो बरबाद होना ही है उसके साथ साथ छोटे तथा मध्यवर्गीय दुकानदार, आढती, खेती मशीनरी वाले समूचे व्यापारी पर भी बुरी असर पड़ेगा. देश की आर्थिक व्यवस्था बरबाद हो जायेगी। इस मौके पर अन्य के अलावा रणजीत सिंह हेमराजपुर, सुरजीत सिंह, प्रवीण कुमार, ओंकार सिंह, रघुबीर सिंह, सुच्चा सिंह सोढी, केशव बहल, मनप्रीत सिंह वरसोला, विशाल महाजन, ललित मोहन, भूपेंद्र सिंह, रणजीत सिंह, गुरमीत सिंह आदि उपस्थित थे।

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