टिकट बंटवारे से पहले शिअद में घमासान, जिला प्रधान के खिलाफ अकालियों ने की रैली

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गुरदासपुर : विधानसभा चुनाव को लेकर टिकट बंटवारे से पहले शिअद में घमासान मच गया है। शुक्रवार को जिले के विभिन्न हलकों से संबंधित कुछ अकाली नेताओं ने अपने ही पार्टी के जिला प्रधान गुरबचन सिंह बब्बेहाली के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए उनके ही विधानसभा हलका गुरदासपुर के हनुमान चौक में रैली की। इस दौरान हैरानी की बात देखने को मिली कि इन नेताओं ने जिला प्रधान की ही टिकट काटकर उनकी जगह पर हरदेव सिंह बाजेचक्क को टिकट देने का प्रस्ताव रखा। उधर, दूसरी तरफ जिला प्रधान गुरबचन सिंह बब्बेहाली ने उक्त लोगों द्वारा किए गए इकट्ठ को कांग्रेसी बताते हुए कहा कि ये सब टिकट चाहते हैं, लेकिन टिकटों का फैसला पार्टी प्रधान सुखबीर सिंह बादल करेंगे।

गौरतलब है कि शुक्रवार को जिले के विभिन्न विधानसभा हलके से संबंधित अकाली नेताओं पूर्व मंत्री सुच्चा सिंह लंगाह के बेटे सोनू लंगाह, कंवलजीत सिंह काकी सहित अन्य नेताओं ने हनुमान चौक में विशाल रैली का आयोजन किया। इस रैली को संबोधित करने वाले सभी नेताओं ने अपनी विरोधी पार्टियों के बजाय अपनी ही पार्टी के जिला प्रधान बब्बेहाली पर निशाने साधे। इन नेताओं ने आरोप लगाए कि बब्बेहाली ने जहां अकाली सरकार के समय अपनी ही पार्टी के नेताओं व वर्करों से धक्केशाही की है, वहीं अब भी पुराने टकसाली अकाली को छोड़कर हाल में ही पार्टी में शामिल हुए लोगों को टिकट दिलाने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने यह आरोप लगाया कि बब्बेहाली अपने हलके में बैठकें करने के बजाय लगातार दूसरे हलकों में जाकर दखलअंदाजी कर रहे हैं।

वक्ताओं ने रैली के दौरान चार प्रस्ताव पास किए। इनमें गुरदासपुर की टिकट गुरबचन सिंह बब्बेहाली के बजाय हरदेव सिंह बाजेचक्क को देने, अकाल तख्त से पूर्व अकाली मंत्री सुच्चा सिंह लंगाह को माफी देने और पंथ में शामिल करने, बब्बेहाली जिन लोगों को टिकटें दिलाने का दावा कर रहे है, उन नेताओं संबंधी पार्टी स्तर पर जांच करवाने और सुखबीर सिह बादल व विक्रम सिंह मजीठिया के नेतृत्व में पार्टी को मजबूत करने का प्रस्ताव पारित किया गया। इस मौके पर हरदेव सिंह बाजेचक्क, सुखजिदर सिंह सोनू लंगाह, परमवीर सिंह लाडी, कंवलप्रीत सिंह काकी, योगेश भंडारी, गुरमुख सिंह तिब्बड़, परमजीत सिंह, शरणजीत कौर, गुरिदरपाल सिंह गोरा, रत्न सिंह जफरवाल, जसप्रीत सिंह राणा, रवि मोहन, मुन्ना संधू, कुलबीर सिंह संधू, गुरजीत सिंह आदि उपस्थित थे। विरोधियों के बजाय अपनों पर बरसते रहे अकाली

रैली के दौरान दिलचस्प बात यह देखने में आई कि किसी भी अकाली नेता ने अपनी विरोधी पार्टी कांग्रेस पर निशाना नहीं साधा, बल्कि सभी घूम फिर कर अकाली दल के जिला प्रधान गुरबचन सिंह बब्बेहाली के खिलाफ ही बोलते रहे। कुछ नेताओं ने आरोप लगाया कि बब्बेहाली का कहना है कि गुरदासपुर हलके के लोग डरे होने के चलते अकाली दल के कार्यक्रमों में नहीं आ रहे हैं, लेकिन रैली में लोगों की संख्या साबित करती है कि लोगों में ऐसा कोई डर नहीं।

बब्बेहाली बोले-यह अकाली दल की नहीं कांग्रेस की रैली

दूसरी तरफ अकाली दल के जिला प्रधान गुरबचन सिह बब्बेहाली ने कहा कि सबसे पहले वे अपने हलके के अकाली वर्करों का आभार व्यक्त करते हैं, जो रैली में नहीं गए। उन्होंने कहा कि रैली में मौजूद सभी लोग कांग्रेसी नेताओं द्वारा भेजे गए लोग थे। उन्होंने कहा कि रैली में शामिल अकाली नेता टिकटों की मांग कर रहे हैं, लेकिन टिकट पार्टी प्रधान सुखबीर सिंह बादल द्वारा दी जानी है। उसमें यह भी देखा जाएगा कि पिछले साढे़ चार के दौरान अकाली दल की मजबूती के लिए किस नेता ने क्या काम किया है। उन्होंने कहा कि लंगाह की माफी का फैसला भी अकाल तख्त साहिब को लेना है। इस तरह दबाव बनाकर उक्त लोग न तो टिकटें हासिल कर सकते हैं और न ही अकाल तख्त साहिब से लंगाह को माफी दिला सकते हैं। उन्होंने कहा कि जब तक टिकट की घोषणा नहीं होती, तब तक सभी को टिकट मांगने का अधिकार है। उन्होंने कहा कि मंच पर उपस्थित नेताओं ने पहले भी कभी उनका सहयोग नहीं किया गया। उन्होने कहा कि उक्त सारा मामला पार्टी हाईकमान के ध्यान में लाया जाएगा।

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