जिले के विभिन्न स्कूलों में विभिन्न प्रतियोगिताओं का करवाया आगाज

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भारत सरकार द्वारा जारी निदेर्शों के अंतर्गत आज जिला गुरदासपुर में जिला शिक्षा अधिकारी हरदीप सिंह के दिशा निदेर्शों पर डी एम अंग्रेजी नरिंदर सिंह बिष्ट की देखरेख में जिले भर में 75 में स्वतंत्रता दिवस को मनाए जाने अमृत महोत्सव के सम्बन्ध में 75 सप्ताह तक देश के विभिन्न राज्यों में स्वतन्त्रता दिवस से सम्बन्धित करवाए जा रहे लेख रचना, भाषण प्रतियोगिता तथा पेंटिंग मुकाबलों का आगाज करवाया गया ।इस सम्बन्ध में जानकारी देते हुए डी एम नरेंद्र सिंह बिष्ट ने बताया कि भावी 75 सप्ताहों तक स्कूलों में उक्त विषयों से सम्बन्धित  प्रतियोगिताएं करवाई जाती रहेंगी। इसी  श्रृंखला के अन्तर्गत  जिले के विभिन्न स्कूलों में प्रतियोगिताओं  की शुरूआत करवाई गई । इसी लड़ी के अन्तर्गत निकटवर्ती गांव घुमाण के सरकारी सीनियर सैकेंडरी स्कूल में प्रिंसिपल सुनीता शर्मा की देखरेख में पेंटिंग प्रतियोगिता करवाई गई जिसमें पहले 3 स्थानों पर रहने वाले छात्रों को सम्मानित किया गया ।इस अवसर पर संबोधन करते हुए विशेष तौर पर उपस्थित श्री हरगोबिन्दपुर ब्लॉक की पंजाबी विषय की बी एम  राजबीर कौर ने बताया कि ने बताया कि भारत को स्वतंत्रता दिलाने में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के आन्दोलनों  के साथ साथ शहीद भगत सिंह, शहीद उधम सिंह,शहीद करतार सिंह सराभा तथा  शहीद चंद्रशेखर आजाद द्वारा अपने जीवन का बलिदान देकर अहम योगदान दिया गया है जिनकी कुर्बानियों को रहती दुनिया तक भुलाया नहीं जा सकता तथा वे हमेशा ही इस संसार में अमर रहेंगे। उन्होंने आगे कहा कि 1930 में आज ही के दिन अंग्रेजों के क्रूर नमक कानून के विरोध में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी ने  साबरमती आश्रम से ऐतिहासिक दांडी नमक सत्याग्रह की शुरूआत की जिसने ब्रिटिश साम्राज्य की नींव हिला कर रख दी थी और भारतीय स्वाधीनता संग्राम को एक नई दिशा दी।

उन्होंने कहा कि देश के प्रत्येक नागरिक के लिए अपना देश सर्वोपरि होना चाहिये व्यक्तिगत लाभों को नजरअंदाज करते हुए देश की शान आॅन को बरकरार रखना हर नागरिक का फर्ज है इस अवसर पर स्कूल की प्रिंसिपल सुनीता शर्मा ने कहा के बच्चों किताबी शिक्षा के साथ साथ मौलिक शिक्षा का ज्ञान होना भी जरूरी है ताकि वह अपने समाज अपने देश के प्रति वचनबद्ध रह सकें तथा जरुरत पड़ने पर देश की सुरक्षा में चट्टान की तरह खड़े हो सकें। उन्होंने कहा कि वही व्यक्ति अपने देश की सेवा कर सकता है जो अपने अभिभावकों को प्यार करता हो तथा उनका सम्मान करे इसीलिए हमें देश सेवा से पहले अपने माता पिता का सम्मान करना चाहिये।

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