करोना से निपटने के लिए सेहत विभाग कर रहा गाइड लाइन का इंतजार, दो अध्यापक आये करोना पाज्टिव, जिला शिक्षा अधिकारी को जानकारी ही नहीं

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रावी न्यूज

गुरदासपुर । पिछले कुछ दिनों से कोविड-19 के मामलों में बढ़ती गिनती ने एक बार फिर से लोगों की चिंता बढ़ा दी है। वहीं गुरदासपुर में झबकरा स्कूल में दो अध्यापकों की कोविड की रिपोर्ट पाज्टिव आने के बाद अभिभावकों में भी बच्चों को स्कूल भेजने से भय लगना शुरु हो गया है, लेकिन सेहत विभाग है कि वह राज्य सरकार की ओर से गाइडलाइन आने के इंतजार में है।

गौरतलब है कि दीनानगर ब्लाक के गांव झबकरा के सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल के दो अध्यापकों की कोविड की रिपोर्ट पाज्टिव आने के बाद उन्हें कोरनटाइन कर प्रशासन ने अपना पल्ला झाड़ लिया। लेकिन इस स्थिति में करना क्या है यह न तो सेहत विभाग के अधिकारियों को जानकारी है और न ही शिक्षा विभाग के अधिकारियों को। यही नहीं बल्कि पूरे जिला में चर्चा होने के बावजूद भी जब इस संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी  हरदीप सिंह  से बात की गई तो उन्होने इस मामले में अनभिज्ञता जताई।उन्होने साफ कहा कि इस संबंधी उन्हें कोई जानकारी नहीं है, अगर ऐसा है तो वह इस संबंधी जानकारी हासिल करते हैं।

वही इस पूरे मामले संबंधी जब सिविल सर्जन गुरदासपुर वरिंदर जगत से बात की तो उन्होंने कहा कि यह सही है कि झबकरा स्कूल के दो अध्यापकों की रिपोर्ट पाज्टिव आयी है। लेकिन इसके बाद विभाग ने किन गाइड लाइन पर काम करना है उनकी जानकारी सेहत विभाग को भी नहीं है। सिविल सर्जन गुरदासपुर ने स्पष्ट कहा कि उन्हें ऐसे हालात में कैसे काम करना है इसकी कोई जानकारी नहीं आयी है। उन्होने पंजाब सरकार को लिखित तौर पर भेज कर यह पूछा है कि अगर ऐसी स्थिति बनती है तो उस पर कौन सी गाईड लाइन पर काम करना है उन्हें जल्द बताया जाये। उन्होने कहा कि राज्य सरकार की हिदायतें जारी होने के बाद वह उन पर काम करेंगे।

जिससे साफ जाहिर होता है कि विभाग के हाथ भी कुछ नहीं है, तो ऐसे में कैसे अन्य बच्चों को संक्रमण से बचाना है, किसी के पास कोई जानकारी नहीं, झबकरा स्कूल में अध्यापकों के पोस्टिव आने के बाद वहां का पूरा काम काज नियमित तौर पर चलता रहा, स्कूल में परीक्षा चल रही थी उसे वैसे ही निरंतर जारी रखा गया। 

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